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बापू की गोद में

नारायण देसाई

January 23, 2007

बापू की गोद में

Posted by अफ़लातून under gandhi
[4] Comments 

पुस्तक समर्पण

प्रकाशकीय

प्राक्कथन : दादा धर्माधिकारी

लेखक के दो शब्द

मंगल मन्दिर खोलो !

प्रभात किरणें

पूरे प्रेमीजन रे

हर्ष शोक का बँटवारा

स्नेह और अनुशासन

१९३० – ३२ की धूप – छाँह

नयी तालीम का जन्म

बापू की प्रयोगशाला

यज्ञसंभवा मूर्ति

अग्निकुण्ड में खिला गुलाब

वह अपूर्व अवसर

मोहन और महादेव

भणसाळीकाका

मैसूर और राजकोट

मेरे लिए एक स्वामी बस है !

परपीड़ा

बा

दूसरा विश्व-युद्ध और व्यक्तिगत सत्याग्रह

आक्रमण का अहिंसक प्रतिकार

जमनालालजी

९ अगस्त , १९४२

अग्नि – परीक्षा

Technorati tags: gandhi, childhood memoires

 

4 Responses to “बापू की गोद में”

  1. anunad Says:

    January 24, 2007 at 10:17 am

    ‘बापू की गोद में’ का पुस्तक रूप में प्रकाशन – एक उत्तम काम हुआ।

  2. मैथिली Says:

    July 23, 2008 at 6:58 am

    आज आपके लिंक के जरिये यहां पहुंचा.
    आपने अति उत्तम काम किया है.
    अब इसे पीडीएफ प्रारूप में भी प्रस्तुत करें तो अच्छा हो

  3. Abhishek Mishra Says:

    February 18, 2009 at 12:28 pm

    बहुत ही सराहनीय प्रयास आपका. आश्वस्त हुआ कि मेरे साथ और भी शामिल हैं इस प्रयास में. शुभकामनाएं.

    (gandhivichar.blogspot.com)

  4. Smart Indian - अनुराग शर्मा Says:

    October 17, 2009 at 4:21 am

    साल की सबसे अंधेरी रात में
    दीप इक जलता हुआ बस हाथ में
    लेकर चलें करने धरा ज्योतिर्मयी

    कड़वाहटों को छोड़ कर पीछे कहीं
    अपना-पराया भूल कर झगडे सभी
    झटकें सभी तकरार ज्यों आयी-गयी

    ★☆★☆★☆★☆★☆★☆★☆★
    दीपावली पर हार्दिक शुभकामनाएँ!
    ★☆★☆★☆★☆★☆★☆★☆★

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  • Post Date :
  • January 23, 2007 at 4:16 am
  • Category :
  • gandhi
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